Access to All SSC Exams Courses Buy Now
Home Articles जानिए क्या है CrPC की धारा 144

जानिए क्या है CrPC की धारा 144

अपराधिक दंड संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 राज्य को आपातकालीन परिस्थितियों के मद्देनजर लोगों के एकत्रीकरण को प्रतिबंधित करने वाले आदेश जारी करने की अनुमति देती है। जब किसी शहर, जिले या राज्य में धारा 144 लगाई जाती है, तो उस क्षेत्र में 5 से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध होता है।

0
345

CrPC की धारा 144: वर्ष 1973 में आपराधिक दंड संहिता (CrPC) की धारा 144 अधिनियमित की गई थी अर्थात् यह कानून बना। यह कानून भारत में किसी भी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के मजिस्ट्रेट को एक निर्दिष्ट क्षेत्र में चार या इससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाने का अधिकार देता है। धारा 144 के विभिन्न प्रावधानों से दंगाई होने के आरोपों के तहत गैरकानूनी सभा करने वाले सभा के सभी सदस्यों पर केस दर्ज किया जाता है।। कोरोनोवायरस के प्रारंभिक दिनों में वायरस को फैलने से रोकने के लिए विभिन्न राज्यों और शहरों में धारा 144 लागू की गई थी। आइए धारा 144 को विस्तार से जानते है।

118 More Mobile Apps Including PUBG Banned by the Government

CrPC की धारा 144 क्या है?

अपराधिक दंड संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 राज्य को आपातकालीन परिस्थितियों के मद्देनजर लोगों के एकत्रीकरण को प्रतिबंधित करने वाले आदेश जारी करने की अनुमति देती है। जब किसी शहर, जिले या राज्य में धारा 144 लगाई जाती है, तो उस क्षेत्र में 5 से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध होता है। 1973 में धारा 144 बनाई गई थी। इस धारा के तहत, सभी सार्वजनिक स्थान जैसे- स्कूल, कॉलेज, मॉल आदि सभी जगह बंद रहते हैं।कोरोनोवायरस के डर के इस माहौल में, इस संक्रामक बीमारी को फैलने से रोकने के लिए धारा 144 लगाई गयी थी।

Hindi Diwas: History, Significance and Interesting Facts

धारा 144 लगाने का उद्देश्य:-

भीड़ में इकट्ठा होने से लोगों में कोरोनावायरस महामारी फैलने की संभावना रहती है। इसके फैलने से रोकने के लिए, राज्यों में धारा 144 लागू किया जाना गया था। समुदायों में तेजी से फैल रहे वायरस का खतरा बहुत बड़ा है और इस उतार-चढ़ाव की स्थिति में, कुछ गंभीर कदम उठाना अनिवार्य है जैसे कि व्यक्तियों के जमा होने पर रोक लगाना। इस धारा के तहत, नियमों का उल्लंघन करने और गैरकानूनी गतिविधियों में संलग्न होने वाले व्यक्तियों के पर केस दर्ज किया जा सकता है।

जैसे-जैसे स्थिति बिगड़ती गयी, कई राज्यों ने पूर्ण लॉकडाउन घोषित कर दिया, जिसमें केवल आवश्यक सेवा की ही अनुमति थी। लॉकडाउन ने, लोगों को अपने घरों में कैद कर दिया था और लोग एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र नहीं जा सकते थे। वायरस को और फैलने से बचाने के लिए नागरिकों को अपने घरों पर रहने की सलाह दी गयी थी। केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को पहले ही कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए थे।

Prime Minister Salary In India

इस प्रावधान के तहत प्रशासन के पास क्या अधिकार हैं?

मजिस्ट्रेट इस प्रावधान के तहत या अपने अधिकार से किसी निश्चित प्रॉपर्टी के संबंध में एक निश्चित आदेश जारी कर सकता है। इसमें आम तौर पर आंदोलन पर प्रतिबंध, हथियार ले जाना और गैरकानूनी रूप से सभा करना शामिल होता हैं। आम तौर पर यह माना जाता है कि धारा 144 के तहत पांच या इससे अधिक लोगों का एक स्थान पर रहने प्रतिबंध होता है।

धारा 144 के प्रावधान:

धारा 144 भी एक निश्चित अधिकार क्षेत्र में किसी भी प्रकार के हथियार को इकठ्ठा करने या इसके परिवहन करने पर प्रतिबंध लगाती है जहां पर धारा 144 लगाई जाती है। किसी भी रूप में इसके उल्लंघन की स्थिति में, ऐसा करने वाले लोगों को हिरासत में लिया जा सकता है। इस तरह के कृत्य में तीन साल की सजा हो सकती है। इस धारा के तहत जारी आदेश के अनुसार, आमजन का कोई भी आंदोलन नहीं हो सकता है। उस क्षेत्र के सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखा जाता है। किसी भी सार्वजनिक सभा के आयोजन करने या उस क्षेत्र में रैलियों का आयोजन उस अवधि के दौरान प्रतिबंधित किया जाता है जब धारा 144 लागू होती है।

जिन क्षेत्रों में धारा 144 लागू होती है, वहां कानून प्रवर्तन एजेंसियों को गैरकानूनी सभा को भंग करने से रोकना, दंडनीय अपराध माना जाता है। आवश्यकता पड़ने पर, धारा 144 अधिकारियों को उस क्षेत्र में इंटरनेट सेवा को बंद करने का भी अधिकार देती है। धारा 144 का अंतिम उद्देश्य उन क्षेत्रों में शांति और व्यवस्था बनाए रखना है जहां मुसीबतें सामान्य जीवन को बाधित कर सकती हैं। CrPC 144 कुछ घटनाओं के आयोजन पर रोक लगाता है जिन्हें नियमित समय के दौरान अनुमति दी जाती है।

What Is the Epidemic Diseases Act 1897? Know About It

धारा 144 के आदेश के लागू रहने की समय अवधि

किसी दिए गए अधिकार क्षेत्र में धारा 144 के कार्यान्वयन के लिए निर्दिष्ट नियमों के अनुसार, कोई भी आदेश 2 महीने से अधिक की अवधि के लिए लागू नहीं रह सकता है। राज्य सरकार अपने विवेकाधिकार के अनुसार , इसे दो-दो महीनों के लिए बढ़ाकर अधिकतम छह महीने के लिए लगा सकती है। स्थिति सामान्य हो जाने के बाद धारा 144 हटायी जा सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here