Access to All SSC Exams Courses Buy Now
Home Articles विशाखापत्तनम गैस लीक: जानिए क्या है स्टाइरीन गैस और यह कैसे असर...

विशाखापत्तनम गैस लीक: जानिए क्या है स्टाइरीन गैस और यह कैसे असर करता है?

विशाखापत्तनम में स्टाइरीन गैस के रिसाव के कारण भयावह दुर्घटना हुई है, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई। जानिए, स्टाइरीन गैस क्या है? और इससे सम्बन्धित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां

0
210

विशाखापत्तनम गैस लीक: जानिए क्या है स्टाइरीन गैस?

जैसा कि भारत कोविड-19 के प्रकोप से जूझ रहा है, 7 मई की सुबह में विशाखापत्तनम में एक चौंकाने वाली घटना हुई। कथित तौर पर, विशाखापत्तनम से लगभग 15 किमी दूर गोपालपट्टनम के पास आरआरवी पुरम स्थित एक एलजी प्लांट में पॉलिमर प्लांट गैस रिसाव हुआ। जिसनें 11 लोगों की जान ले ली और आसपास के इलाके में रहने वाले हजारों लोगों को प्रभावित किया। इस घटना ने 1984 की भोपाल गैस त्रासदी की भयावह यादों को ताजा किया, जिसने देश को झकझोर दिया। स्टाइरीन प्लांट से गैस रिसाव सुबह 3 बजे हुआ, जब लोग गहरी नींद में सो रहे थे।

स्टाइरीन गैस क्या है?

स्टायरीन, सिंथेटिक रसायन का एक प्रकार और बेंजीन का यौगिक है। इसे कारखानों में इसके तरल रूप में संग्रहीत किया जाता है, लेकिन इसमें आसानी से वाष्पित होने का गुण होता है। इस यौगिक का उपयोग प्लास्टिक पैकेजिंग, सिंथेटिक रबर, डिस्पोजेबल कप और खाद्य पैकेजिंग बनाने के लिए किया जाता है। वाष्पीकरण को रोकने के लिए इसे 20 डिग्री से कम तापमान पर रखना पड़ता है।

What is Plasma Therapy: A Possible Treatment For Coronavirus?

अगर कोई स्टाइरीन गैस के संपर्क में आता है तो क्या होता है?

स्टायरीन, सीधे एक व्यक्ति के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। यदि कोई गैस के हल्के या मध्यम स्तर पर संपर्क में आता है, तो इससे सांस लेने में समस्या, कमजोरी, मतली, सांस की बीमारियां, चलने में कठिनाई, थकान, आंखों और त्वचा में जलन और बेहोशी हो सकती है। गैस के अत्यधिक संपर्क में आने पर कोमा, फुफ्फुसीय एडिमा और दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है। यह कुछ मामलों में कैंसर और अवसाद को भी जन्म दे सकता है। अधिक श्वसन की समस्या से मृत्यु भी हो सकती है।

प्लांट में गैस रिसाव के कारण क्या था?

अधिकारियों के अनुसार, जांच अभी भी जारी है और सटीक कारण का पता अभी नहीं चल पाया है। LG पॉलिमर्स का कहना है कि पिछले 44 दिनों से गैस का इकठ्ठा रहना और स्टोरेज टैंक के अंदर तापमान में बदलाव के कारण ऑटो पॉलीमराइजेशन हो सकता है। नतीजतन, वाष्पीकरण होता है और गैस वाष्पित होती है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि मौतें स्टाइरीन गैस के प्रत्यक्ष प्रभाव या इसके उपोत्पादों के कारण हुई हैं। जांच पूरी होने के बाद सटीक कारण का पता चल पाएगा।

क्या प्लांट में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था?

स्टायरीन को स्थिर रखने के लिए 20 ° C के नीचे गैस टैंकों में संग्रहित किया जाता है। संयंत्र में तापमान की निरंतर निगरानी की जाती है। प्रकाश या गर्मी के संपर्क में आने से गैस का पोलीमराइजेशन हो सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, 15 इंजीनियरों और अधिकारियों की एक टीम ने इसके बंद अवधि के दौरान कारखाने में ड्यूटी पर थी। यदि तापमान टैंकों में बढ़ जाता है, तो स्टाइलर को नियंत्रित रखने के लिए अवरोधकों को मिलाया जाता है। सुरक्षा उपाय के रूप में, स्टाइरीन टैंक कभी भी पूरे भरे नहीं होते हैं। रिसाव के समय संयंत्र में कुल 1,800 टन स्टाइरीन संग्रहित था। कंपनी के अनुसार, प्रोटोकॉल का पालन किया गया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here