केंद्रीय बजट 2020: जानिए हलवा समारोह के बारे में

 

Union Budget 2020: हिन्दू परम्परा के अनुसार हलवे को काफी शुभ माना जाता है और शुभ काम की शुरुआत भी मीठे से की जाती है. इसीलिए बजट को अंतिम रूप देने से कुछ दिन पहले वित्त मंत्रालय में एक बड़ी कढ़ाई में हलवा बनाया जाता है. हर साल होने वाले इस कार्यक्रम के लिए नॉर्थ ब्लॉक में वित्त मंत्री खुद भी भाग लेते हैं. हलवा रस्म के दौरान वित्तमंत्री समेत वित्त मंत्रालय के कर्मचारियों को हलवा बांटा जाता है. ऐसी परंपरा है कि बजट छपाई का काम शुरू होने से पहले बजट तैयार करने की प्रक्रिया से प्रत्यक्ष तौर पर जुड़े मंत्रालय के अधिकारियों को हलवा समारोह के बाद मंत्रालय में ही रहना पड़ता है.

बजट 2020
संसद का बजट सत्र (Budget Session) 31 जनवरी से शुरू हो रहा है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को बजट (Union Budget 2020) पेश करेंगी. नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह पहला पूर्णकालिक बजट होगा. बजट सत्र का पहला चरण 31 जनवरी से 11 फरवरी तक और दूसरा चरण दो मार्च से तीन अप्रैल तक चलेगा. बजट सत्र के बीच में करीब एक महीने का अवकाश रखा जाता है.

बजट
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 में भारत के केन्द्रीय बजट को वार्षिक वित्तीय विवरण के रूप में निर्दिष्ट किया गया है, जो कि भारतीय गणराज्य का वार्षिक बजट होता है, जिसे प्रत्येक वर्ष फरवरी के पहले कार्य-दिवस को भारत के वित्त मंत्री द्वारा संसद में पेश किया जाता है. 2016 से पहले इसे फरवरी के अंतिम कार्य-दिवस को पेश किया जाता था। भारत के वित्तीय वर्ष की शुरूआत, अर्थात 1 अप्रैल से इसे लागू करने से पहले बजट को सदन द्वारा इसे पारित करना आवश्यक होता है. पूर्व वित्त मंत्री मोरारजी देसाई ने अभी तक सबसे ज्यादा 10 बार बजट प्रस्तुत किया है. आम बजट में सरकार की आर्थिक नीति की दिशा दिखाई देती है। इसमें मंत्रालयों को उनके खर्चों के लिए पैसे का आवंटन होता है। बड़े तौर पर इसमें आने वाले साल के लिए कर प्रस्तावों का ब्योरा पेश किया जाता है।

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