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शहीद दिवस, आइए इनके सम्मान में एक साथ खड़े हों

शहीद दिवस 23 मार्च

हर साल, 23 मार्च को, शहीद दिवस तीन स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने देश के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। हर भारतीय को इन तीनों क्रांतिकारियों पर गर्व हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने शहीद दिवस पर महान स्वतंत्रता सेनानियों को निम्नलिखित ट्वीट के साथ श्रद्धांजलि दी है।

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23 मार्च को भारत के स्वतंत्रता संग्राम के तीन क्रांतिकारी भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु का 91वाँ शहादत दिवस है, जिन्हें ब्रिटिश राज ने जॉन सौन्डर्स की हत्या में उनकी कथित संलिप्तता के लिए फांसी पर लटका दिया था। तीनों ने सॉन्डर्स को JA स्कॉट के साथ भ्रमित किया, जो एक पुलिस अधिकारी था, जिसके बारे में माना जाता था कि उसने अक्टूबर 1928 में लाठी चार्ज के दौरान लाला लाजपत राय की पिटाई की थी। उन्हें भारत के सबसे प्रभावशाली क्रांतिकारियों में से एक के रूप में माना जाता है, उन्हें अक्सर शहीद भगत सिंह कहा जाता है। भारत शहीद दिवस को अपने नायक को श्रद्धांजली अर्पित करता हैं।

शहीद दिवस 23 मार्च

28 सितंबर, 1907 को ब्रिटिश भारत में पंजाब में जन्मे, भगत सिंह एक प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी थे, जो एक क्रांतिकारी समाजवादी थे और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सुखदेव का जन्म 15 मई, 1907 को लुधियाना के नौघरा मोहल्ले में रामलाल थापर और रल्ली देवी के घर हुआ था और राजगुरु का जन्म 24 अगस्त, 1908 को महाराष्ट्र के पुणे जिले के खेड़ में मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था।
इन सभी ने भारत में ब्रिटिश राज द्वारा किये जा रहे अन्याय और शोषण को काफी करीब से देखा था। औपनिवेशिक ब्रिटिशों द्वारा लाहौर जेल (अब पाकिस्तान में) में 23 मार्च, 1931 को उन्हें मौत की सजा दी गई थी। शहीद दिवस पर हमें राम प्रसाद बिस्मिल की उन खूबसूरत पंक्तियां याद आती हैं जो हमारे खून में देशभक्ति का संचार करती हैं। प्रसिद्ध पंक्तियाँ इस प्रकार हैं-

“सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है देखना है ज़ोर कितना बाज़ु-ए-क़ातिल में है

एक से करता नहीं क्यूँ दूसरा कुछ बातचीत, देखता हूँ मैं जिसे वो चुप तेरी महफ़िल में है

ऐ शहीद-ए-मुल्क-ओ-मिल्लत मैं तेरे ऊपर निसार, अब तेरी हिम्मत का चरचा ग़ैर की महफ़िल में है

वक़्त आने दे बता देंगे तुझे ऐ आसमान, हम अभी से क्या बतायें क्या हमारे दिल में है”

वे हमारे राष्ट्र के महान स्वतंत्रता सेनानी थे और उनके बलिदान से हमारे राष्ट्र को स्वतंत्रता मिली। उनकी वजह से ही हम आजाद हैं। कोई भी भारतीय उनके बलिदान को कभी नहीं भूल सकता है और वे हमेशा हमारे दिलों में देश के नायक रहेंगे।

May Your Soul Rest in Power

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