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भारत के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान व वन्यजीव अभ्यारण्य (राज्य-वार) एवं उनसे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

राष्ट्रीय उद्यान व वन्यजीव अभ्यारण में अंतर

  • राष्ट्रीय उद्यान में किसी भी प्रकार के अधिवास और मानवीय गतिविधि की अनुमति नही होति है, यहां तक कि जानवरों को चराने या जंगली उत्पादों को इकट्ठा करने की अनुमति भी नहीं होती है। जबकि वन्यजीव अभ्यारण्य में मानव गतिविधियों की अनुमति दे दी जाती है।
  • वन्यजीव अभ्यारणों का गठन किसी एक प्रजाति अथवा कुछ विशिष्ट प्रजातियों के संरक्षण के लिये किया जाता है, अर्थात ये बिशिष्ट प्रजाति आधारित संरक्षित क्षेत्र होते हैं; जबकि राष्ट्रीय उद्यान का गठन विशेष प्रकार की शरणस्थली के रूप में संरक्षण के लिये किया जाता है अर्थात इस विशेष शरणस्थली क्षेत्र में रहने वाले सभी जीवों का संरक्षण समान रूप से किया जाता है।

राजस्थान

  • केवला देवी राष्ट्रीय उद्यान  (साइबेरियन क्रेन नामक प्रवासी पक्षी का आश्रय स्थल )
  • रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान
  • सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान
  • मरुस्थलीय राष्ट्रीय उद्यान
  • मुकिंद्रा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान
  • घना पक्षी राष्ट्रीय उद्यान
  • माउंट आबू वन्यजीव अभ्यारण्य

मध्य प्रदेश

  • कान्हा राष्ट्रीय उद्यान
  • पेंच राष्ट्रीय उद्यान
  • पन्ना राष्ट्रीय उद्यान (यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल)
  • सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान
  • वन विहार राष्ट्रीय उद्यान
  • बांधवगढ राष्ट्रीय उद्यान (सफेद बाघों के लिए प्रसिद्ध है)
  • संजय राष्ट्रीय उद्यान
  • माधव राष्ट्रीय उद्यान
  • पालपुर कुनो राष्ट्रीय उद्यान
  • मण्डला फौसिल राष्ट्रीय उद्यान
  • रातापानी राष्ट्रीय उद्यान
  • राष्ट्रीय चंबल राष्ट्रीय उद्यान

महत्वपूर्ण तथ्य

# गुजरात के गिर National Park से कुछ एशियाई शेरों को मध्यप्रदेश के पालपुर कूनो अभ्यारण में बसाने को सर्व्वोच्च न्यायालय ने स्वीकृति दे दी है.

# सबसे ज्यादा राष्ट्रीय उद्यान मध्यप्रदेश में हैं.

अरुणाचल प्रदेश

  • नामदफा राष्ट्रीय उद्यान
  • पखुई अभ्यारण्य

हरियाणा

  • सुलतानपुर राष्ट्रीय उद्यान
  • कलेशर राष्ट्रीय उद्यान

उत्तर प्रदेश

  • दूधवा राष्ट्रीय उद्यान
  • चन्द्रप्रभा वन्यजीव विहार

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