ADDA247 की तरफ से आप सभी को लोहड़ी की ढेर सारी शुभकामनाएं

नववर्ष का पहला त्यौहार लोहड़ी, मुख्य रूप से पंजाब का त्यौहार माना जाता हैं। जिसमें ल (लकड़ी) +ओह (गोहा = सूखे उपले) +ड़ी (रेवड़ी) = ‘लोहड़ी’ के प्रतीक हैं। यह त्यौहार मकर संक्राति से एक दिन पहले 13 जनवरी को हर वर्ष मनाया जाता हैं। इसमें रेवड़ी (और कहीं कहीं मक्की के भुने दाने) अग्नि की भेंट किए जाते हैं तथा ये ही चीजें प्रसाद के रूप में सभी उपस्थित लोगों को बाँटी जाती हैं। घर लौटते समय ‘लोहड़ी’ में से दो चार दहकते कोयले, प्रसाद के रूप में, घर पर लाने की प्रथा भी है।

लोहड़ी से संबद्ध परंपराओं एवं रीति-रिवाजों से ज्ञात होता है कि प्रागैतिहासिक गाथाएँ भी इससे जुडी हैं। दक्ष प्रजापति की पुत्री सती के योगाग्नि-दहन की याद में ही यह अग्नि जलाई जाती है। इस अवसर पर विवाहिता पुत्रियों को माँ के घर से ‘त्योहार’ (वस्त्र, मिठाई, रेवड़ी, फलादि) भेजा जाता है। यज्ञ के समय अपने जामाता शिव का भाग न निकालने का दक्ष प्रजापति का प्रायश्चित्त ही इसमें दिखाई पड़ता है।

इस त्यौहार से दुल्ला भट्टी की कहानी भी जुडी हुई मानी जाती हैं। ऐसा माना जाता हैं कि दुल्ला भट्टी मुग़ल शासक अकबर के समय में पंजाब में रहता था। उसे पंजाब के नायक की उपाधि से सम्मानित किया गया था! उस समय संदल बार के जगह पर लड़कियों को गुलामी के लिए बल पूर्वक अमीर लोगों को बेच जाता था जिसे दुल्ला भट्टी ने एक योजना के तहत लड़कियों को न की मुक्त ही नहीं करवाया बल्कि उनकी शादी हिन्दू लडको से करवाई और उनकी शादी की सभी व्यवस्था भी करवाई। तब से यह त्यौहार मनाया जाता हैं। ऐसे ही इस त्यौहार से जुडी कई सारी मान्यताएं हैं। हमारी कामना हैं कि यह त्यौहार आप सभी के जीवन को खुशियों से भर दें और आप जल्द सरकारी परीक्षा में चयनित हो। इन्हीं सारी शुभकामनाओं के साथ एक बार फिर आप सभी को लोहड़ी की ढेर सारी शुभकामनाएं

आप सभी को लोहड़ी की ढेर सारी शुभकामनाएं

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