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गलवान घाटी के बारे में विस्तार से जानिए

सोमवार की रात, लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों का सामना हुआ। गलवान घाटी में चीन के साथ आमने-सामने की लड़ाई में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए। सूत्रों के अनुसार, गलवान नदी पर घातक संघर्ष तब शुरू हुआ जब भारतीय सैनिक, भारत की तरफ की सीमा में चीनी सैनिकों द्वारा लगाए गए एक तम्बू को हटाने के लिए गए। गलवान घाटी भारत-चीन सीमा के पश्चिमी क्षेत्र, वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के साथ स्थित है, और यह अक्साई चीन(चीन द्वारा कब्जा किए गए भारतीय क्षेत्र) के बहुत करीब है। इस प्रकार इसका महत्त्व, सीमा के एक क्षेत्र के साथ गहरे रणनीतिक महत्व से जुडा है, जो काफी हद तक अपरिभाषित बना हुआ है। यहाँ इस पोस्ट में, हम गलवान घाटी से संबंधित हर चीज को कवर कर रहे हैं और इसके बारे में विस्तार से बताएंगे।

गलवान घाटी की भौगोलिक स्थिति:

गलवान घाटी, भारत-चीन सीमा के पश्चिमी क्षेत्र, वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के साथ स्थित है, और बीजिंग के नियंत्रण वाले भारतीय क्षेत्र अक्साई चीन के करीब है। गलवान घाटी का स्थान, सीमा के एक क्षेत्र के साथ एक गहरा रणनीतिक महत्व रखता है, जो काफी हद तक निर्धारित नहीं है।
80 किलोमीटर लंबी गलवान नदी, लद्दाख के पूर्वी भाग में गलवान घाटी से होकर बहती है, इसका नाम गुलाम रसूल गलवान के नाम पर रखा गया है, जो लद्दाखी एड्वेंचर और खोजकर्ता थे, जिन्होंने 19 वीं सदी के मोड़ पर कई यूरोपीय खोजकर्ताओं की सहायता की थी। गलवान ने लगभग 35 वर्षों तक ब्रिटिश, इटालियन और अमेरिकी खोजकर्ताओं के नेतृत्व वाले अभियानों में सहायता की, वे अंततः 1917 में लेह के ब्रिटिश संयुक्त आयुक्त के ‘अक्सकल(aksakal) या मुख्य सहायक के पद तक पहुंचे।

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गलवान घाटी का महत्व:

जिस क्षेत्र में भारत और चीन की सेना का आमना-सामना हो रहा है वह 1962 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है। यद्यपि वास्तविक नियंत्रण रेखा स्पष्ट है। यह पहली बार है कि इस तरह के स्तर पर पूर्वी लद्दाख में तनाव बढ़ रहा है। गलवान घाटी क्षेत्र सब सेक्टर नॉर्थ (SSN) के अंतर्गत आता है। यह सियाचिन ग्लेशियर के पूर्व में स्थित है और एकमात्र बिंदु है जो भारत से अक्साई चीन तक सीधी पहुंच प्रदान करता है। सेटेलाइट से लिए चित्रों के अनुसार, चीनियों ने 2016 तक गलवान घाटी के मध्य बिंदु तक एक सड़क का निर्माण किया था। तब से, चीन इस क्षेत्र में LAC के करीब कुछ बिंदु तक विस्तार करने में कामयाब रहा है।
चीन के साथ देश की सीमा पर स्थिति पर चर्चा करने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को एक सर्वदलीय बैठक करेंगे। भारत और चीन के बीच तनाव के बाद संघर्ष मई की शुरुआत में सिक्किम और लद्दाख के लद्दाख सेक्टर में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच शुरू हुआ था। दोनों पक्षों ने छह सप्ताह के लंबे टकराव को सुलझाने के लिए बातचीत की एक श्रृंखला आयोजित की है
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