Access to All SSC Exams Courses Buy Now
Home Articles भारत के प्रथम प्रधानमंत्री: पंडित जवाहरलाल नेहरू के बारे में जानें

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री: पंडित जवाहरलाल नेहरू के बारे में जानें

जवाहरलाल नेहरू एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, राष्ट्रवादी नेता के साथ ही स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री भी थे।उन्होंने विविध संस्कृति, भाषा और धर्म वाले आबादी को एकजुट करने की चुनौतियों को संभाला

0
195

जवाहरलाल नेहरू एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, राष्ट्रवादी नेता के साथ ही स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री भी थे। नेहरू भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक प्रभावशाली नेता थे और उन्हें महात्मा गांधी के राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता था, जवाहरलाल नेहरू 1947 में देश के पहले प्रधानमंत्री बने। जवाहरलाल नेहरू एक महान नेता थे। उन्होंने विविध संस्कृति, भाषा और धर्म वाले आबादी को एकजुट करने की चुनौतियों को संभाला। वे देश से बहुत प्यार करने वाले व्यक्ति थे।

The Nehruvian empire strikes back at Modi | Daily Mail Online

प्रारंभिक जीवन 

उनका जन्म 14 नवंबर, 1889 को इलाहाबाद में एक कश्मीरी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। 15 साल की उम्र तक, उनकी पढाई घर पर ही हुई, नेहरू ने बाद में इंग्लैंड के हैरो और बाद में ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज में पढ़ाई की। लंदन के इनर टेम्पल में लॉ(LAW) का अध्ययन करने के बाद, 22 वर्ष की आयु में नेहरू भारत लौट आए, जहाँ उन्होंने अपने पिता और प्रमुख बैरिस्टर मोतीलाल नेहरू के साथ लॉ की प्रैक्टिस की। 1916 में, नेहरू ने 17 वर्षीय कमला कौल से शादी की। इनके बाद उनके इकलौती संतान, इंदिरा का जन्म हुआ।

List of All President of India from 1947 to 2020

राजनीतिक जागृति

अप्रैल 1919 में, ब्रिटिश सैनिकों ने हजारों निहत्थे नागरिकों पर गोलियां चला दीं, जो हाल ही में पारित कानून का विरोध कर रहे थे, जिसमें बिना किसी ट्रायल के संदिग्ध राजनीतिक दुश्मनों को हिरासत में लेने की अनुमति दी गई थी। अमृतसर के नरसंहार में 379 भारतीय मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे, इसने नेहरू को विचलित लिया और फिर भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति के अपने संकल्प को मजबूत किया।

महात्मा गांधी के नेतृत्व में असहयोग आंदोलन (1920-22) के दौरान, नेहरू को पहली बार ब्रिटिश सरकार के खिलाफ गतिविधियों के लिए कैद किया गया था और अगले ढाई दशकों में, कुल मिलाकर नौ साल बिताए थे।

1929 में, जवाहरलाल नेहरू को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में चुना गया। राजनीति में यह उनकी पहली नेतृत्वकारी भूमिका थी। भारतीय नेताओं के परामर्श के बिना द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत में जर्मनी के खिलाफ युद्ध में भारत की भाग लेने के बारे में ब्रिटेन की घोषणा के जवाब में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 8 अगस्त, 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन का प्रस्ताव पास किया, जिसमें ब्रिटेन से राजनीतिक स्वतंत्रता की मांग की गई।अगले दिन, ब्रिटिश सरकार ने नेहरू और गांधी सहित सभी कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार कर लिया।

List of All Prime Ministers of India; Check Complete List

प्रधानमंत्री के रूप में उनकी चुनौतियां और विरासत

15 अगस्त, 1947 को, भारत ने अंततः अपनी स्वतंत्रता प्राप्त की और जवाहरलाल नेहरू को देश के पहले प्रधानमंत्री के रूप में चुना गया। हौसले से हासिल की गई आजादी के सभी उत्सवों के बीच, काफी उथल-पुथल भी थी।  पाकिस्तान और भारत के अलग-अलग राष्ट्रों के विभाजन के साथ ही कश्मीर पर नियंत्रण के कारण बड़े पैमाने पर विस्थापन के परिणामस्वरूप कई सौ मुसलमानों और हिंदुओं की जान चली गई।

अपने 17 साल के नेतृत्व के दौरान, उन्होंने समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता, लोकतांत्रिक सरकार को बढ़ावा दिया और 1951 में अपनी पहली पंचवर्षीय योजनाओं के कार्यान्वयन के साथ भारत के औद्योगिकीकरण को प्रोत्साहित किया। इस योजना ने कृषि उत्पादन बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने उच्च शिक्षा की स्थापना के माध्यम से वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति को बढ़ावा दिया, और कई सामाजिक सुधारों जैसे कि भारतीय बच्चों के लिए मुफ्त सार्वजनिक शिक्षा और भोजन, विरासत की सम्पति में महिलाओं के अधिकार और अपने पति को तलाक देने की क्षमता सहित कानूनी अधिकार – और जाति के आधार पर भेदभाव पर रोक लगाने के लिए कानून को पारित किया। उनका जीवन वास्तव में भारत के लिए समर्पित जीवन था और गणतंत्र का शायद ही कोई सार्वजनिक संस्थान या पहलू था जिसे नेहरू ने स्वरुप दिया या प्रभावित नहीं किया।

कम ज्ञात तथ्य

  • 1950-1955 के दौरान जवाहरलाल नेहरू, शांति के लिए  नोबल पुरस्कार के लिए नामांकित किये गए थे।
  • उनकी जयंती को भारत में बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो उनके बच्चों की शिक्षा के लिए उनके प्यार और स्नेह के कारण है। उन्हें बच्चे प्यार से चाचा नेहरू कहते थे।
  • पंडित जवाहरलाल नेहरू एक कश्मीरी पंडित परिवार से थे
  • यह 1930 के मध्य में उनके कारावास केका समय था जब पंडित नेहरू ने अपनी आत्मकथा, “Toward Freedom” लिखी। पुस्तक अगले वर्ष यूएसए(USA) में प्रकाशित हुई थी।
  • 1947, 1955, 1956, 1961 में चार बार नेहरू के हत्या करने के प्रयास दर्ज हैं।
  • 27 मई, 1964 को दिल का दौरा पड़ने के बाद नेहरू का निधन हो गया। अगले दिन नेहरू के शोक में 1.5 मिलियन लोग दिल्ली की सड़कों पर एकत्रित हुए थे।
  • National Animal of India: Royal Bengal Tiger
  • List of Essential Services Available During 21-Days Lockdown
  • List Of Government Exams Postponed Due To Coronavirus
  • Click Here to view Latest Govt. Jobs 2019

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here