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आतंकवाद विरोधी दिवस: आतंकवाद विरोधी दिवस का उद्देश्य

आतंकवाद विरोधी दिवस को मनाने का उद्देश्य वैश्विक सद्भाव का बढ़ाना और युवाओं को शिक्षित करना है ताकि वे गुमराह न हों और सांप्रदायिक न बने।

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आतंकवाद विरोधी दिवस भारत में प्रत्येक वर्ष 21 मई को मनाया जाता है ताकि लोगों में शांति और एकता का संदेश फैलाया जा सके। यह दिवस, लोगों को एकजुट होने और आतंकवाद के खिलाफ खड़े होने के लिए प्रेरित करने के लिए मनाया जाता है।

पिछले कुछ वर्षों में, दुनिया भर में कुछ बड़े हमलों और घटनाओं के कारण आतंकवाद की आशंका बढ़ गई है। भारत में आतंकवाद विरोधी दिवस देश के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों में से एक राजीव गांधी पर हुए सबसे बड़े आतंकवादी हमलों के बाद से शुरू हुआ।

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आतंकवाद विरोधी दिवस का उद्देश्य:

आतंकवाद विरोधी दिवस को मनाने का उद्देश्य वैश्विक सद्भाव का बढ़ाना और युवाओं को शिक्षित करना है ताकि वे गुमराह न हों और सांप्रदायिक न बने।

यह दिवस आतंकवादी हमलों में और आतंकवाद के खिलाफ देश की रक्षा में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि और सम्मान देकर मनाया जाता है।

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यह दिन भारत के सबसे युवा प्रधान मंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर मनाया जाता है। वह सिर्फ 40 साल की उम्र में अपनी मां इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश के पीएम बन गए। लेकिन दुर्भाग्य से वर्ष 1989 में, एक आतंकवादी हमले में उनकी भी हत्या कर दी गई, जब वह तमिलनाडु में एक सभा में थे।

इस दिन क्या होता है?

आतंकवाद विरोधी दिवस, गौरव के साथ मनाया जाने वाला दिन नहीं है। यह जागरूकता का दिन है और इसलिए इस दिन अलग-अलग जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं।

देश, कई आतंकवादी हमले जैसे कि ताज हमला, पुलवामा हमला, और यहां तक कि कई भीड़ के हमले देखे हैं। यह अभियान जागरूकता फैलाने के लिए चलाया जाता है कि आतंकवाद किसी धर्म विशेष का नहीं होता। किसी भी समुदाय या किसी समूह के कारण समाज में होने वाली अनावश्यक दुर्घटना, आतंकवाद है। इसलिए इस तरह की घटनाओं और दुर्घटना से दूर रहने के लिए जनता को शिक्षित करने का दिन है।

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यह देखा गया है कि कैसे किशोर नकली और अनैतिक शिक्षाओं के कारण, आतंक की योजना में शामिल होते हैं। जागरूकता ऐसी घटनाओं के बारे में है जहां देश का भविष्य, गलत तरीके को अपना रहा है। ऐसे लोगों से सही तरीके से निपटने के लिए अभियान चलाए जाते हैं ताकि उन्हें हर बार मारने के स्थान पर सही रास्ते पर लाया जा सके।

राजीव गांधी की निर्मम हत्या के बाद, यह माना जाता था कि आतंकवाद को अकेले युद्ध के साथ समाप्त नहीं किया जा सकता है। जागरूकता की भी बहुत जरूरत है ताकि आतंकवादियों से सही तरीके से निपटा जा सके। साथ ही, आम जनता के लिए शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है, जिसे आतंकवाद के वास्तविक अर्थ को समझने की जरूरत है और इसलिए उचित समझ के लिए आतंकवाद विरोधी दिवस मनाया जाता हैं।

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